जौनपुर। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी की ओर से गुरुवार को ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ के तहत जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को 24 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं, अल्पसंख्यकों और अन्य वंचित वर्गों के सामाजिक न्याय, समान अवसर और उचित प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
मांगों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण तथा दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए ‘कोटे के अंदर कोटा’ देने, लोकसभा-विधानसभा, राज्यसभा-विधान परिषद और उच्च न्यायपालिका में वंचित वर्गों का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रही।
आंदोलनकारियों ने जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम, ओबीसी क्रीमीलेयर की आय सीमा की समीक्षा, पदोन्नति में आरक्षण, मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने और केंद्र व राज्य सरकारों में आरक्षण के बैकलॉग पदों को तत्काल भरने की मांग की। सरकारी ठेकों और खरीद के साथ निजी क्षेत्र में भी एससी, एसटी और ओबीसी की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए संबंधित यूजीसी विनियम लागू करने, छात्रावास एवं छात्रवृत्ति की व्यवस्था मजबूत करने तथा एससी-एसटी एक्ट के मामलों में मुआवजा बढ़ाने की मांग की गई। सफाईकर्मियों की आउटसोर्सिंग समाप्त कर स्थायी नियुक्ति, सीवर-सेप्टिक टैंक की सफाई में मानव प्रवेश पर पूर्ण रोक और सफाईकर्मी की मृत्यु पर परिवार को मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग भी शामिल रही।
इसके अलावा 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन से जुड़े मुकदमे वापस लेने, मीडिया में वंचित वर्गों की भागीदारी बढ़ाने तथा अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति व्यवस्था प्रभावी करने की मांग की गई। इस दौरान विवेक कुमार राघव, एसपी मानव, अनिल वसीम सिद्दीकी, चंद्रसेन भारती और राकेश आजाद समेत अन्य लोग मौजूद रहे।













