जौनपुर अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का खोखला नारा देने वाली प्रदेश सरकार और अपनी जिम्मेदारी से दूर रहने वाले उसके प्रतिनिधि पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं. ज्ञात हो कि लगभग एक महीने पहले 1 मई को सरायख्वजा थाना क्षेत्र के बड़ौर गांव निवासी आजाद बिंद की दिनदहाड़े उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वो अपनी शादी के लिए दूल्हा बनकर बारात लेकर दुल्हन के घर खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर में जा रहे थे
इस जघन्य हत्याकांड से केवल जौनपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में हलचल मच गई थी जौनपुर के इस बहु चर्चित दूल्हा हत्याकांड के दो दो आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस की पकड़ से दूर है। फरार अभियुक्त भोला राजभर, प्रदीप बिंद पर ADG वाराणसी जोन द्वारा एक एक लाख का इनाम घोषित किया जा चुका है। अब इस मामले में सामाजिक राजनीतिक दलों के लोगों ने पुलिस प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया है, समाज विकास क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा जौनपुर के पूर्व प्रत्याशी अशोक सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस चाह ले तो सभी आरोपी को पकड़ सकती है लेकिन पुलिस उन्हें बचा रही है, यह कितना शर्मनाक है कि आरोपियों की सत्ता पक्ष के लोगों के साथ तस्वीरें वायरल हो रही है और यही वजह है कि पुलिस उन्हें पकड़ नहीं रही। अगर पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ती है तो समाज विकास क्रांति पार्टी सड़क पर उतरेगी धरना प्रदर्शन करेगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियो और सरकार की नाकामी का यही एक कांड नहीं है बल्कि आरोपी भोले राजभर बीजेपी का पदाधिकारी भी है इसलिए उसको सं सांसद का भी वरदहस्त भी प्राप्त है वरना एक आरोपी रवि यादव का एनकाउंटर हो सकता है तो इतना चर्चित आरोपी अभी तक पुलिस के हत्थे क्यों नहीं चढ़ा .इसी तरह बिंद नामक एक आरोपी को भी राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है
दूसरी तरफ सांसद और विधायक द्वारा जनहित के कामों को अनदेखी भी की जा रही जा रही है. जौनपुर से इलाहाबाद रोड पर निर्माणाधीन पुल का काम भी बंद पड़ा है जिससे लोगों को यातायात की भारी दिक्कत आ रही है .यही नहीं जौनपुर से बनारस रोड पर भी इसी तरह की लापरवाही के चलते लोग परेशान हैं. इसी तरह एक बहुत प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी जमींदार सिंह के प्रपौत्र डॉ विक्रम सिंह जैसे सम्मानित व्यक्ति को किसी संबंध में पुलिस थाने जाने पर उन्हें कई घंटे तक बिठा कर अवहेलना की जाती है . यदि देश के लिए अपने को शहीद कर देने वाले एक स्वतंत्रता सेनानी के परिवार के साथ इस तरह की उपेक्षापूर्ण व्यवहार होता है तो आम जनता को पुलिस थाने से कितना सहयोग मिल सकेगा . यह सोचने की बात है .जनहित कार्यों और लोगों की इस तरह की उपेक्षा के चलते 2027 में भारतीय जनता पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.











