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लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में जौनपुर कलेक्ट्रेट पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

 

वकीलों पर बल प्रयोग से अधिवक्ताओं में आक्रोश, सौंपा ज्ञापन

जौनपुर। राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई और वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को जौनपुर के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। दीवानी न्यायालय और कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर विरोध-प्रदर्शन किया तथा जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

दीवानी न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव एवं मंत्री रण बहादुर यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम सिंह एवं मंत्री मनोज मिश्रा के साथ अन्य अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा।

अधिवक्ताओं ने कहा कि अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर लाठीचार्ज कराया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। अधिवक्ता समाज न्यायपालिका का अभिन्न अंग है और संविधान व कानून की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अधिवक्ताओं के सम्मान और अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

वक्ताओं ने कहा कि वकीलों के चैंबरों को ध्वस्त करना उनके अधिकारों का हनन है तथा इससे न्यायिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। अधिवक्ताओं पर बल प्रयोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विधि व्यवस्था की गरिमा पर सीधा आघात है।

ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की कि अधिवक्ताओं के लिए स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ध्वस्त किए गए चैंबरों को पुनः स्थापित कराया जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो तथा नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को अविलंब लागू करने की मांग भी उठाई गई।

प्रदर्शन में बृजनाथ पाठक, रमेश चंद्र उपाध्याय, अवधेश सिंह, उस्मान अली, अरुण सिन्हा, यशवंत ओझा, हिमांशु श्रीवास्तव, सुरेंद्र प्रजापति, मनीष सिंह, जैगम जैदी, अरविंद सिंह, मंजीत कौर, अविनाश शुक्ला, नीलेश निषाद समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

Amanki Shaan News