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लखनऊ में चली ‘दो दिग्गजों’ की लाइन, जौनपुर सदर सीट पर पूर्व सांसद के बेटे का नाम तय

 

पत्रकार आरिफ़ हुसैनी

24 मई को लखनऊ में होगी जौनपुर नेतृत्व की अहम बैठक

जौनपुर । की सदर विधानसभा सीट को लेकर कई दिनों से चल रही सियासी अटकलों और अंदरूनी चर्चाओं पर आखिरकार विराम लग गया है। समाजवादी पार्टी में लंबे मंथन, रायशुमारी और रणनीतिक बैठकों के बाद अब पूर्व सांसद के बेटे के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है। खास बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में पश्चिम उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के दो बड़े पूर्व मंत्रियों ने निर्णायक भूमिका निभाई।

सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दौर में टिकट को लेकर कई दावेदार सक्रिय थे और अलग-अलग स्तर पर पैरवी का दौर चल रहा था। लेकिन जैसे-जैसे मामला हाईकमान तक पहुंचा, पार्टी के दो वरिष्ठ पूर्व मंत्री खुलकर मैदान में उतर आए। दोनों नेताओं ने न सिर्फ संगठन और शीर्ष नेतृत्व से लगातार संवाद किया, बल्कि जौनपुर के स्थानीय समीकरणों पर भी गंभीर मंथन किया।

बताया जा रहा है कि दोनों पूर्व मंत्रियों ने हाईकमान के सामने एकजुट होकर पूर्व सांसद के बेटे के नाम को सबसे मजबूत और संतुलित विकल्प बताया। उनका मानना था कि युवा चेहरा, राजनीतिक विरासत और स्थानीय पकड़ को देखते हुए यही नाम पार्टी को सबसे ज्यादा मजबूती दे सकता है। सूत्रों की मानें तो दोनों नेताओं की सहमति और रणनीतिक समर्थन के बाद ही पार्टी नेतृत्व ने इस नाम पर अंतिम निर्णय लिया।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पश्चिम और पूर्वांचल के इन दोनों बड़े नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों को भी स्पष्ट संदेश दे दिया है कि पार्टी हित सर्वोपरि है और सभी को एकजुट होकर चुनावी तैयारी में जुटना होगा। यही वजह रही कि टिकट को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान धीरे-धीरे शांत होती दिखाई दी।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि जौनपुर सदर सीट को इस बार सपा बेहद प्रतिष्ठित सीट के रूप में देख रही है। ऐसे में किसी भी तरह की गुटबाजी से बचने और मजबूत संदेश देने के लिए हाईकमान ने वरिष्ठ नेताओं की राय को प्राथमिकता दी। दोनों पूर्व मंत्रियों की सक्रिय भूमिका ने पूरे समीकरण को एक दिशा देने का काम किया।
इसी कड़ी में 24 मई को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय में जौनपुर नेतृत्व की अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में जिले के प्रमुख नेताओं, पदाधिकारियों और संगठन से जुड़े वरिष्ठ चेहरों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा और संगठन को एकजुट होकर मैदान में उतरने का संदेश दिया जाएगा।
फिलहाल जौनपुर की राजनीति में यही चर्चा सबसे ज्यादा गर्म है कि पश्चिम और पूर्वांचल के दो बड़े पूर्व मंत्रियों की एकजुटता ने सदर सीट का पूरा समीकरण बदल दिया और आखिरकार पूर्व सांसद के बेटे के नाम पर पार्टी की मुहर लगवा दी।

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