जौनपुर। “सपने देखने की कोई सीमा नहीं होती, जरूरत है उन्हें पूरा करने के लिए हौसले और मेहनत की।” इसी प्रेरक संदेश के साथ मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज के सौदागर हाल में जनपद जौनपुर की होनहार पायलट जारा फारूकी का भावपूर्ण स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर ‘एक उड़ान आसमान की’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसका केंद्रीय संदेश ‘बढ़ेंगी बेटियां, पढ़ेंगी बेटियां, उड़ेंगी बेटियां’ रहा। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने की। उन्होंने मुख्य अतिथि जारा फारूकी सहित सभी सम्मानित अतिथियों का बुके, स्मृति-चिह्न एवं अंगवस्त्रम भेंट कर स्वागत किया।
स्वागत संबोधन में उन्होंने कहा कि बेटियों को अवसर, शिक्षा और उचित मार्गदर्शन मिले तो वे अपनी प्रतिभा के बल पर आसमान की बुलंदियों को छू सकती हैं। आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल और विमानन सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने छात्राओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर आत्मविश्वास और पूरी लगन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि पायलट जारा फारूकी ने छात्राओं से संवाद करते हुए विमानन क्षेत्र में अपने प्रशिक्षण, संघर्ष, कठिनाइयों और सफलता के अनुभव साझा किए। छात्राओं ने पायलट बनने की प्रक्रिया, प्रशिक्षण तथा इस क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सहज एवं संक्षिप्त उत्तर देते हुए छात्राओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए मेहनत, अनुशासन, धैर्य और लक्ष्य के प्रति विश्वास जरूरी है। छात्राओं को अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर निरंतर प्रयास करना चाहिए।
मड़ियाहूं नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रुखसाना फारूकी ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता परिवार और समाज की प्रगति का मजबूत आधार है। उन्होंने छात्राओं से अपनी प्रतिभा को पहचानकर नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं शुगर मिल के जीएम कमाल फारूकी ने कहा कि सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन अहमद अब्बास खान ने किया।
कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ. शकील, डॉ. जीवन यादव, आर.पी. सिंह, डॉ. ममता सिंह, डॉ. सतीश दुबे, अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष त्रिपाठी, डॉ. प्रज्ज्विलित यादव, डॉ. आशीष श्रीवास्तव, फरहीन, अंकित, फलक, उमरा खान एवं शाहदा सहित महाविद्यालय परिवार के शिक्षक-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। जारा फारूकी के साथ छात्राओं का संवाद कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। उनके अनुभवों और संघर्ष ने छात्राओं को अपने सपनों के प्रति गंभीर होने तथा नए क्षेत्रों में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया। संगोष्ठी ने बेटियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और उनके सपनों को उड़ान देने का प्रभावशाली संदेश दिया।












