शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को बताया कि ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य हमले के बाद लापता हुए तीनों भारतीय नाविकों के शव मिले हैं. इस घटना के बाद भारत ने अमेरिका के उप मिशन प्रमुख को तलब किया था और हमले के ख़िलाफ़ कड़ा विरोध दर्ज कराया था.
सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पोस्ट में लिखा है, ”पलाऊ के झंडे वाले एमटी सेटेबेलो शिप पर हुई दुखद घटना के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ है. दुख की बात है कि पहले लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव अब बरामद कर लिए गए हैं और उनकी पहचान की पुष्टि हो चुकी है.”
यह हमारे लिए एक अपूरणीय क्षति है. इस कठिन समय में मोदी सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ी है और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है. मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाए गए चालक दल के सदस्यों की तत्काल वापसी सुनिश्चित की जाए और दिवंगत नाविकों के पार्थिव शरीर को उनके अंतिम संस्कार के लिए जल्द भारत लाया जाए.”
इससे पहले फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने बताया था, “मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है.”
चीफ़ इंजीनियर पटनाला सुरेश को पहले लापता बताया जा रहा था लेकिन उनका शव भी बरामद हो गया है. शिवानंद चौरसिया उत्तर प्रदेश के देवरिया के हैं. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की है लेकिन अपने बयान में अमेरिका का नाम तक नहीं लिया था.








