“पत्रकार इशरत हुसैन”
जौनपुर। पुलिस की लापरवाही के कारण 6 दिनों से चल रही एक अज्ञात की लाश वह मानवता को शर्मसार कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था वह सक्रियता का दावा ठोकने वाली पुलिस कितनी तेज है वह इस बात से आसानी से अंदाज लगाया जा सकता है।
मामला कुछ इस प्रकार का है कि 13 जून की सुबह सीएचसी बदलापुर एक व्यक्ति को जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष है उसे घायल अवस्था में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सक द्वारा उसे बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घायल को लेकर अस्पताल आने वाले बदलापुर थाने पर तैनात रहे होमगार्ड अशोक कुमार द्वारा लाश को लाश घर में रखकर चिकित्सक द्वारा मेमो दे दिया गया। सूत्र बताते हैं कि यह व्यक्ति सिंगरामऊ थाना क्षेत्र में स्थित वाराणसी लखनऊ रेल मार्ग पर ट्रेन से गिरकर पड़ा हुआ था जिसे कुछ लोगों ने 108 बुलाकर बदलापुर सीएससी भेज दिया था। अब प्रश्न इस बात का उठता है कि यह लाश सिंगरामऊ थाना क्षेत्र में मिली है तो जीआरपी हरपालगंज के क्षेत्र में मिली है।
किस थाने की घोर लापरवाही के कारण यह लाश पूरी तरह से गल गई है, जिसमें कीड़े भी बुरी तरह से पड़ गए हैं। अब इसे पुलिस का सीमा विवाद कहा जाए या लापरवाही है। यह तो जिम्मेदार की बता पाएंगे। फिलहाल यह मामला मानवता को जहां शर्मसार कर रहा है वही मानव अवहेलना किए जाने से काम नहीं माना जा रहा है। एक तरफ सूबे की सरकार जनता को बेहतर सुविधा देने की ताल ठोक रही है वहीं जिम्मेदारान अपनी जिम्मेदारियां को कैसे निभाते हैं यह इस बात से साफ अंदाज लगाया जा सकता है। इस मामले की अगर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो कई लोग इसमें दोषी पाए जाएंगे।













