एसआईटी ने 24 घंटे में खोली परतें, तीन गिरफ्तार और दो ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण; अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
जौनपुर। जबरन वसूली और लूट के दो मामलों में जौनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो निलंबित आरक्षियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं दो नामजद आरोपितों ने पुलिस की लगातार दबिश के बीच बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सुरेरी उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
पहला मामला थाना जलालपुर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर को पीड़ित को संकीत सिंह अपने साथ ले गया था। वहां पहले से चार अज्ञात लोग वाहन के साथ मौजूद थे। आरोप है कि पीड़ित को जबरन वाहन में बैठाकर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देकर रुपये मांगे गए। इसके बाद मोबाइल छीनकर यूपीआई के जरिए अलग-अलग खातों में करीब 2.15 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए तथा एटीएम से भी रुपये निकाले गए। इस मामले में 17 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था।
दूसरा मामला सुरेरी थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, 13 सितंबर को राजेंद्र दूबे ने पीड़ित को फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। आरोप है कि वहां सादे कपड़ों में मौजूद तीन-चार लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और पीड़ित को वाहन में बैठाकर ले गए। आरोप के अनुसार, उससे करीब 1.65 लाख रुपये की वसूली की गई और यूपीआई के जरिए वंशनरायन गिरी के खाते में रकम ट्रांसफर कराई गई। इस मामले में 22 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया।
एसआईटी ने 24 घंटे में की पुलिसकर्मियों की पहचान
दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र ने पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की। एएसपी ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। पुलिस का दावा है कि महज 24 घंटे में घटनाओं में कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान कर ली गई।
बुधवार को पुलिस ने मनीष पटेल निवासी कबीरुद्दीनपुर, थाना सुरेरी, निलंबित आरक्षी सत्येन्द्र कुमार गौड़ तथा निलंबित आरक्षी विष्णु सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरक्षियों के विरुद्ध जबरन वसूली, लूट के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की गई है।
दो आरोपितों ने कोर्ट में किया सरेंडर
इसी बीच पुलिस की दबिश के दबाव में जलालपुर मामले के नामजद आरोपित संकीत सिंह और विकास, दोनों निवासी मय पहाड़ी पट्टी, जौनपुर, ने बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस तरह दोनों मामलों में अब तक कुल पांच आरोपित गिरफ्तार अथवा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिनमें दो पुलिस आरक्षी शामिल हैं।
अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सामने आई
पुलिस के अनुसार, एसआईटी दोनों मामलों की बारीकी से जांच कर रही है। विवेचना में कुछ अन्य आरोपितों के नाम सामने आए हैं, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। साक्ष्य जुटाने के साथ उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













