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आशाओं का फूटा सब्र, मानदेय बढ़ाने और बकाया भुगतान की उठी बुलंद आवाज

सीमा सिंह के नेतृत्व में डीएम के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन, टीबी और आभा आईडी का भुगतान भी अटका

 

जौनपुर। मानदेय वृद्धि की घोषणा के बावजूद अमल न होने से आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। बहु आशा कल्याण समिति उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि तत्काल लागू करने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि आशा एवं आशा संगिनियां गांव-गांव स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी के रूप में काम कर रही हैं। टीकाकरण, शिशु स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद फरवरी में मानदेय वृद्धि की घोषणा के बाद भी उसका लाभ नहीं मिल सका है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, चौकीदार और शिक्षामित्र समेत अन्य मानदेय कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की जा चुकी है, लेकिन आशा एवं आशा संगिनियों की मांग अब भी लंबित है। उन्होंने मुख्यमंत्री से घोषणा को तत्काल लागू कर सम्मानजनक मानदेय देने की मांग की।

टीबी और आभा आईडी का भुगतान भी लंबित

ज्ञापन में लंबित प्रोत्साहन राशि का मुद्दा भी उठाया गया। कार्यकर्ताओं के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 का टीबीआई भुगतान नहीं हुआ है। वर्ष 2024 से 2026 तक टीबी मरीजों और आशा कार्यकर्ताओं से संबंधित इंसेंटिव भी लंबित है। इसके अलावा आभा आईडी बनाने के भुगतान का भी कार्यकर्ताओं को इंतजार है।

आशा कार्यकर्ताओं ने सभी लंबित भुगतानों का तत्काल निस्तारण कराने की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि स्वास्थ्य मंत्री और मिशन निदेशक, एनएचएम को भी भेजी गई है।

Amanki Shaan News