12 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान
जौनपुर। 12 अक्टूबर सोमवार को उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात दो वर्षीय बांड पर तैनात चिकित्सक के बीच वेतन विसंगति को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
समान MBBS डिग्री समान बॉन्ड अवधि और समान भर्ती प्रक्रिया के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात दो वर्षीय बांड पर तैनात चिकित्सको ₹50,000–65,000 प्रतिमाह वेतन मिल रहा है, जबकि मेडिकल कॉलेजों में तैनात दो वर्षीय बांड पर तैनात चिकित्सको को ₹1,00,000 या उससे अधिक वेतन मिल रहा है।
इस वेतन असमानता को समाप्त करने तथा “एक सामान बांड पर तैनात चिकित्सको को एक वेतन की मांग को लेकर बाराबंकी के दो वर्षीय बांड पर तैनात चिकित्सको 12 अक्टूबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।
बांड पर तैनात चिकित्सको का कहना है कि 2 सितंबर 2026 को उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक द्वारा 3 सितंबर तक शासनादेश शासन की तरफ से जारी होने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय पर शासनादेश जारी नहीं हुआ। इसके बाद भी डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए और कई बार शांतिपूर्ण आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं संबंधित अधिकारियों से मुलाकात के माध्यम से शासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया।
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि इतने लंबे समय से वेतन विसंगति का सामना करने के बावजूद उन्होंने अब तक अपनी ड्यूटी जारी रखी और मरीजों के हितों को प्राथमिकता दी। शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के बावजूद उन्हें बार-बार आश्वासन ही मिले, लेकिन मांगों का ठोस एवं समयबद्ध समाधान नहीं हो सका। लगातार प्रयासों के बाद भी शासनादेश जारी न होने से डॉक्टरों में निराशा और आक्रोश बढ़ा है।













