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दिमागी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, बचाव की एडवाइजरी जारी

 

जौनपुर। बारिश के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दिमागी बुखार (जेई/एईएस) को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि यह बीमारी मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरस जनित संक्रामक रोग है। यह वायरस मुख्य रूप से शूकर और जंगली पक्षियों में पाया जाता है, जहां से मच्छर के माध्यम से इंसानों तक पहुंचता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जहां लंबे समय तक जलभराव और गंदगी रहती है, वहां इस बीमारी का खतरा अधिक होता है। जौनपुर में वर्ष 2025 में दिमागी बुखार के दो मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक कोई मरीज नहीं मिला है। हालांकि बारिश के मौसम में इसके फैलने की आशंका बनी रहती है।

नोडल अधिकारी डॉ. आलोक सिंह ने बताया कि तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी, शरीर में झटके, मानसिक भ्रम, बोलने में परेशानी, मुंह से झाग आना और गंभीर स्थिति में कोमा या लकवा जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सरकारी अस्पताल में उपचार कराना चाहिए।

जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने लोगों से घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, जलभराव खत्म करने, झाड़ियां साफ कराने, मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने और बच्चों का जेई टीकाकरण कराने की अपील की है। उन्होंने झोलाछाप डॉक्टरों और झाड़-फूंक से बचने की भी सलाह दी।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचारी दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य, नगर विकास, पंचायती राज और पशुपालन विभाग सहित कई विभाग संयुक्त रूप से सफाई, मच्छर नियंत्रण, जागरूकता और टीकाकरण अभियान चला रहे हैं, ताकि दिमागी बुखार जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

Amanki Shaan News