जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में निपुण भारत मिशन एवं जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र सुरक्षा और विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में निपुण भारत मिशन, डीबीटी के माध्यम से छात्रों को मिलने वाली 1200 रुपये की धनराशि, मध्याह्न भोजन (एमडीएम), विद्यालय कायाकल्प के 19 मानकों, दिव्यांग बच्चों की सुविधाओं तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने बरसात के मौसम को देखते हुए विद्यालय परिसरों में विद्युत खंभों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति बढ़ाने और प्रत्येक माह के चौथे शनिवार को आयोजित अभिभावक-शिक्षक बैठक में अधिकारियों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में खेलकूद, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और शत-प्रतिशत टीकाकरण को प्राथमिकता देने के साथ-साथ ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा विद्यालय से जोड़ने तथा विभिन्न कक्षाओं के ट्रांजिशन रेट में सुधार लाने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में शैक्षिक सत्र 2026-27 में सर्वाधिक नामांकन करने वाले कंपोजिट विद्यालय सटवां (मुंगराबादशाहपुर), कंपोजिट विद्यालय चेतरहाँ (सुईथाकला) और कंपोजिट विद्यालय राजापुर डडापुर (रामनगर) के प्रधानाध्यापकों को जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने सम्मानित किया।
बैठक में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, एसआरजी एवं जिला टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित रहे।










