जौनपुर। जिले के केराकत क्षेत्र में स्थ्ति सिहौली घाट पर बीते 18 अक्टूबर को गोमती नदी में डूबीं दो बच्चियों की लाश गाजीपुर जनपद के स्टीमर घाट पर गंगा नदी में पाई गई है। पुलिस ने दोनों की मौत का खुलासा करते हुए बताया कि दोनों लड़कियों की मां लक्ष्मी देवी ने कथित तौर पर पति की धमकी के बाद अपनी दोनों बेटियों के साथ नदी में छलांग लगा दी थी।
पूरा मामला कुछ इस प्रकार का बताया जा रहा है। पति सत्येंद्र कुमार यादव से विवाद के बाद लक्ष्मी देवी 13 अप्रैल से अपने मायके आजमगढ़ के ही भुड़की गांव में रह रही थी। ससुराल पक्ष का आरोप है कि 13 अक्टूबर को वह दोनों बेटियों को ससुराल ले जाने की बात कहकर घर से निकली और केराकत क्षेत्र के सिहौली उदयचंदपुर में गोमती नदी के किनारे पहुंच गई।
आरोप है कि रात करीब आठ से नौ बजे के बीच उसने अपनी साड़ी से दोनों बच्चियों को आपस में बांधा और नदी में फेंक दिया। इसके बाद वह पेटीकोट और ब्लाउज पहने बदहवास हालत में सड़क पर घूमती मिली। घटना के बाद महिला का बिना साड़ी में घूमने का वीडियो सामने आया था।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इसे बिना साड़ी के घूमते देखा तो पूछने पर इसने बताया कि मेरे दो बच्चों को पति उठा ले गए है। स्थानीय लोगों ने उसे रोककर पूछताछ की तो वह पुलिस को न बुलाने की गुहार लगाती रही। जब लोगों ने वीडियो बनाना शुरु किया तो वह पति और ससुराल वालों पर मारपीट करने तथा बच्चियों को छीनने का आरोप लगाती दिखाई दी।
इसके बाद महिला ने अपने पिता से बच्चियों के लापता होने की मनगढ़ंत कहानी रची। 14 अक्टूबर की रात बच्चियों के नाना लालजीत यादव ने केराकत थाने में गुमशुदगी की तहरीर देकर बताया कि सिहौली के पास चाय-पानी करते समय दोनों बच्चियां अचानक लापता हो गईं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी थी।
शनिवार की शाम को दोनों बच्चियों के शव गोमती नदी से बहते हुए सैदपुर में गंगा नदी तक पहुंच गया। शव आपस में बंधे मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इसके बाद रविवार को दोनों शव को सदर कोतवाली पुलिस ने रामेश्वर घाट से बरामद किया। स्वजन ने आरोप लगाया कि महिला ने ही दोनों बच्चियों को गोमती में फेंक दिया।











