जौनपुर। मोबाइल हैकिंग और साइबर ठगी के मामले में जौनपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना और सर्विलांस टीम ने अंतरराज्यीय साइबर गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, नेपाली मोबाइल नंबर और एक चेकबुक बरामद हुई है। वहीं, साइबर ठगी की रकम में से करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराए गए हैं। धनराशि की वापसी के लिए कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को साइबर क्राइम थाने में 75 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने शिकायतकर्ता के मैनेजर का व्हाट्सएप हैक कर चैटिंग के माध्यम से दो बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। एक खाते में 45 लाख और दूसरे खाते में 30 लाख रुपये भेजे गए।
एनजीओ और फर्म के खातों में मंगाई गई रकम: जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 45 लाख रुपये प्राप्त करने वाला खाता एक एनजीओ के नाम पर दर्ज है, जबकि दूसरे खाते का संबंध एक फर्म से बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, इन खातों में कमीशन के आधार पर साइबर ठगी की रकम मंगाई जाती थी और फिर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
जांच में दोनों खातों में कुल करीब 1 करोड़ 83 लाख रुपये की साइबर ठगी से संबंधित रकम आने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने यह भी बताया कि संबंधित खातों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों से छह साइबर शिकायतें दर्ज थीं।
72 घंटे में कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक नगर अनन्त चन्द्रशेखर और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम सम्यक चौधरी के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने साइबर पोर्टल, समन्वय पोर्टल, प्रतिबिंब पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार, करीब 72 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और विभिन्न खातों में 1.55 करोड़ रुपये होल्ड कराए गए।













