पत्रकार इशरत हुसैन
जौनपुर। शहरी इलाके में एक ऐसी घटना प्रकाश में आई है जो जिले के स्वास्थ्य विभाग पर सवालिया निशान खड़ा करने के साथ मानवता को हिलाकर रख देगी। मामला कुछ इस प्रकार का है कि एक नाबालिग लड़के का कुछ धन का प्रलोभन देकर महीने में दो बार एक पैथोलॉजी सेंटर में खून निकाल लिया गया है।
इस मामले में पुलिस ने पैथोलॉजी सेंटर संचालक समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सुल्तानपुर जनपद की महिला बिलकीश जहांन पत्नी इरशाद अहमद कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला बलूआघाट में किराये के मकान में रहती हैं। उनके परिवार के साथ उनका 15 वर्षीय नाबालिग बेटा इब्राहिम हाशमी भी रहता है। इब्राहिम की दोस्ती साकिब मेंहदी पुत्र कासिम मेंहदी निवासी सिपाह से हो गई।
12 सिंतबर दिन के लगभग तीन बजे साकिब इब्राहिम के घर गया और उसे बहला फुसलाकर अपने साथ गोमती चेरीटेबल ब्लड बैंक लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मुरादगंज दुबे ढाबा के पास ले जाकर उसका खून निकलवा दिया। इतना ही नहीं एक माह के अंदर दो बार उसका खून निकाल कर बेचा गया। गोमती चेरीटेबल ब्लड बैंक द्वारा इब्राहिम के आधार कार्ड लगाने के बजाये अर्जुन गौतम का आधार कार्ड लगा दिया गया। जब इब्राहिम की हालत बिगड़ने लगी तब जाकर परिजनों को इस बात का पता चला।
घटना की सूचना परिजनों ने शहर कोतवाल अनीता सिंह को दिया। शहर कोतवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लड बैंक संचालक समेत कई लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं मामला दर्ज कर लिया है। अब प्रश्न इस बात का उठता है कि शहर में ऐसे कई पैथोलॉजी सेंटर और ब्लड बैंक इस तरह से अवैध कार्य करके लाखों रूपये कमा रहें हैं वहीं युवाओं और नाबालिगों की जिंदगी से खेल रहें हैं।
आश्चर्यजनक बात तो यह है कि जिला का इतना बड़ा स्वास्थ विभाग इस घटना से सवालों के घेरे में खड़ा हो गया है। स्वास्थ मोहकमे की लापरवाही का खामियाजा नाबालिग और युवा झेल रहें हैं और मोहकमा चैन की बंसी बजा रहा है।













