जौनपुर। जनपद के जफराबाद थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां इलाज और झाड़-फूंक के नाम पर महिलाओं के साथ गलत हरकत करने तथा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। मामले में अब एक नहीं बल्कि कई महिलाओं ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार चकमहमुदपुर गांव निवासी गोदावरी देवी ने आरोप लगाया कि उनकी बहू की तबीयत खराब होने पर वे उसे इलाज के लिए आजाद खां उर्फ बाबा के पास ले गई थीं। पीड़िता का कहना है कि बाबा ने झाड़-फूंक के दौरान “जिन्न का साया” बताकर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया।
महिला ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने वहां जाना बंद कर दिया तो आरोपी खुद उनके घर पहुंच गया और इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव बनाने लगा। इतना ही नहीं, पैसे का लालच देने की भी बात कही गई।
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब गांव की दो से तीन अन्य महिलाओं ने भी मीडिया के सामने बयान दिया। महिलाओं का आरोप है कि इलाज और झाड़-फूंक के बहाने उन्हें गलत तरीके से छुआ जाता था। हालांकि लोक-लाज और बदनामी के डर से वे अब तक चुप थीं।
पीड़ित महिलाओं का कहना है कि डर और सामाजिक दबाव के कारण वे पहले सामने नहीं आईं, लेकिन अब सच उजागर करना जरूरी समझा।
हालांकि अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रदेश में पहले भी कई बार ऐसे कथित बाबाओं का पर्दाफाश हो चुका है, जो अंधविश्वास और झाड़-फूंक की आड़ में लोगों को गुमराह करते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में महिलाएं अक्सर सामाजिक दबाव के कारण खुलकर शिकायत नहीं कर पातीं।
उत्तर प्रदेश में लागू “उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021” के तहत दबाव, लालच या धोखे से धर्म परिवर्तन कराना अपराध माना गया है। दोषी पाए जाने पर तीन से दस वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। वहीं महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप साबित होने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस इन गंभीर आरोपों पर त्वरित कार्रवाई करेगी और क्या ऐसे कथित ढोंगी बाबाओं पर लगाम लग पाएगी।













