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जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बने चर्चा का विषय

 

जौनपुर। जिला चिकित्सालय उमानाथ सिंह के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक इन दिनों सुर्खियों में चल रहें हैं। चर्चा के अनुसार बताया जा रहा है कि इस अस्पताल में आकस्मिक कक्ष से लेकर वार्ड तक मरीजों के साथ घोर लापरवाही बरती जा रही है।

अभिलेखों के अनुसार जिला चिकित्सालय के आकस्मिक कक्ष में कई डॉक्टर नियुक्त हैं लेकिन ऐसा देखने को मिलता है कि दो ही डॉक्टर 24 घंटे की ड्यूटी निपटा देते हैं। शेष बचे हुए ईएमओ कहां चले जाते हैं और किसकी मिली भगत से गायब हो जाते हैं इस बात का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सरकार द्वारा मरीजों के बेहतर उपचार के लिए बेहतर व्यवस्था तो की गई है कि वर्डो में भी चिकित्सक रहकर मरीजों की देखरेख करेंगे लेकिन वह चिकित्सक हमेशा गायब रहा करते हैं।

इस अस्पताल में भर्ती मरीज भगवान भरोसे उनका इलाज चलता है। दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि कई डॉक्टरों का चेहरा तो काफी दिनों बाद दिखाई देता है और झलक दिखला कर वह गायब हो जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय कुमार कन्नौजिया अपने निजी स्वार्थ को हल करने के लिए इन चिकित्सकों को जानबूझकर गायब किए रहते हैं।

अब प्रश्न इस बात का उठता है कि एक तरफ जहां सरकार इन चिकित्सकों को महीने का पूरा वेतन जिस काम के लिए देती है कि मरीजों को अच्छी सेवा जिला अस्पताल से मिल सके लेकिन सरकार के सारे किए कराए पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पानी फेर रहें हैं। मुख्या चिकित्सा अधीक्षक के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि छोटे कर्मचारियों पर आये दिन वह लगाम कसे रहते हैं वहीं डॉक्टरों को खुली छूट देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

Amanki Shaan News